Returned Undelivered

… a letter for my dearest and now departed friend, Aashish प्रिय आशीष,बचपन में तुम्हारी शैतानियाँ। लड़कपन में तुम्हारी इश्क़ की कहानियाँ। और फिर जवानी में तुम्हारे हाथ की बनी मिठाइयाँ। आज बहुत याद आ रही है तुम्हारी, दोस्त ।पिछले कुछ सालों में आदत सी हो गयी थी तुम्हारी बतकही की। चाहे तुम कितना भी … Continue reading Returned Undelivered